विशिष्ट विनिर्देश
| कRUDE प्रोटीन |
70% MIN |
| एमोनियम लवण |
3% Max |
| नमी |
6% MAX |
| ऐश |
अधिकतम 9% |
| न्यूक्लियोटाइड्स की मात्रा |
5% न्यूनतम |
| 18 अमीनो अम्लों का योग |
48% न्यूनतम |
प्रमुख अनुप्रयोग और लाभ
मुर्गी पालन: मांसपेशी वृद्धि में सुधार, आहार रूपांतरण में वृद्धि, प्रतिरक्षा स्वास्थ्य को बढ़ावा देना और पंखों की गुणवत्ता में सुधार।
सूअर पालन: तेज़ वजन वृद्धि का समर्थन, आंतों के स्वास्थ्य में सुधार, आहार रूपांतरण दक्षता में वृद्धि और प्रतिरक्षा को मजबूत करना।
रूमिनेंट्स (पशु): आदर्श वजन वृद्धि और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना, रूमेन में सूक्ष्मजीवी संतुलन में सुधार और प्रतिरक्षा कार्य में मजबूती।
जलीय खेती: मछली और झींगा की वृद्धि में वृद्धि, आहार ग्रहण में सुधार, रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि और आंतों के स्वास्थ्य में सुधार के माध्यम से जल गुणवत्ता में सुधार।
उत्पाद की विशेषताएं और फायदे
उच्च प्रोटीन सामग्री: 70% उच्च-गुणवत्ता वाला प्रोटीन प्रदान करता है, जो विकास और वृद्धि का समर्थन करने के लिए संतुलित अमीनो अम्ल प्रोफाइल प्रदान करता है।
न्यूक्लियोटाइड-समृद्ध: न्यूक्लियोटाइड्स से समृद्ध, जो प्रतिरक्षा कार्य, कोशिका पुनर्जनन और आंतों के स्वास्थ्य का समर्थन करते हैं।
सुधारित पाचनीयता: पोषक तत्वों के अवशोषण में सुधार, जिससे बेहतर वृद्धि दर और कम आहार अपव्यय होता है।
प्रतिरक्षा समर्थन: प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देता है, जिससे यह तनावग्रस्त या रोग-प्रवण वातावरण में पशुओं के लिए अत्यधिक प्रभावी हो जाता है।
सतत और गैर-जीएमओ: पर्यावरण-अनुकूल सूक्ष्मजीवीय किण्वन के माध्यम से उत्पादित, जिससे एक प्राकृतिक, गैर-जीएमओ प्रोटीन स्रोत सुनिश्चित होता है।
लागत-प्रभावी: मछली के आटे और सोयाबीन के आटे जैसे पारंपरिक प्रोटीन स्रोतों की तुलना में अधिक सस्ता और कुशल विकल्प।
न्यूक्लियोटाइड अवशेष 70% क्यों चुनें
पोषक दक्षता: पोषक तत्वों के अवशोषण में सुधार का समर्थन करता है, जिससे वृद्धि में वृद्धि और चारा लागत में कमी आती है।
प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देना: शक्तिशाली प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाओं के विकास में सहायता करता है, जिससे गहन पशुपालन प्रणालियों में रोगों के प्रकोप में कमी आती है।
सतत कृषि: चारा के उपयोग में सुधार और पर्यावरणीय पदचिह्न को कम करके सतत कृषि पद्धतियों का समर्थन करता है।
बहुमुखी अनुप्रयोग: इसका उपयोग मुर्गीपालन, सूअर पालन, रोमन्ट्स और जलीय कृषि सहित विभिन्न प्रजातियों में किया जा सकता है, जिससे यह एक अत्यधिक बहुमुखी चारा घटक बन जाता है।